दीपक कुमार त्यागी / हस्तक्षेप - प्रत्येक विद्यार्थी की सफलता के पीछे केवल उसकी मेहनत ही नहीं, बल्कि उसके शिक्षक, मार्गदर्शक (मेंटर), परिवार और सहयोगी व्यवस्था (सपोर्ट सिस्टम) का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है - जयंत चौधरी (केंद्रीय मंत्री)

शिक्षा को अधिक संवेदनशील, समावेशी और सशक्त बनाने के लिए सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

शिक्षकों एवं सहयोगी तंत्र को समाज और राष्ट्र निर्माण का वास्तविक शिल्पकार बताया।

प्रत्येक विद्यार्थी की सफलता में शिक्षक, मेंटर और सहयोगी व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।

केंद्रीय मंत्री 'जयंत चौधरी' ने समावेशी शिक्षा को बताया सामाजिक न्याय व राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार।

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समान अवसर, सुलभ शिक्षा एवं आत्मविश्वासपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

एसआरके नॉलेज फाउंडेशन के माध्यम से गोविंद ढोलकिया के नेतृत्व में आयोजित पहल की सराहना की।

सूरत, गुजरात। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने गुजरात के सूरत में आयोजित 'शिक्षा के शिल्पकार' कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए उन शिक्षकों, स्कूल प्रशासकों (स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर) तथा स्क्राइब (लेखन सहयोगी) का सम्मान किया, जिनके समर्पण और सहयोग से दिव्यांग विद्यार्थी शिक्षा की मुख्यधारा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम में जयंत चौधरी ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सफलता के पीछे केवल उसकी मेहनत ही नहीं, बल्कि उसके शिक्षक, मार्गदर्शक (मेंटर), परिवार और सहयोगी व्यवस्था (सपोर्ट सिस्टम) का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। यही लोग विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने की नींव तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा केवल एक नीति नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व है। जब प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर, आवश्यक संसाधन और सहयोग मिलता है, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है और राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित होती है।

जयंत चौधरी ने कहा कि ऐसे शिक्षक और सहयोगी समाज के वास्तविक शिल्पकार हैं, जो केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं गढ़ते, बल्कि एक संवेदनशील, समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस प्रकार की पहलों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाने के लिए सरकार, सामाजिक संस्थाओं तथा शिक्षण समुदाय के बीच निरंतर सहयोग आवश्यक है।

यह कार्यक्रम एसआरके नॉलेज फाउंडेशन द्वारा गोविंद ढोलकिया के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य उन शिक्षकों, स्कूल प्रशासकों एवं स्क्राइब को सम्मानित करना है, जो दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ, सम्मानजनक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले शिक्षकों, स्कूल प्रशासकों एवं स्क्राइब का भी सम्मान किया गया।