अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां अमेरिका और ईरान ने एक ऐतिहासिक शांति समझौते की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ ही पिछले तीन महीनों से अधिक समय से दोनों देशों के बीच चल रहा सशस्त्र संघर्ष पूरी तरह समाप्त हो गया है।

इस समझौते का सीधा सकारात्मक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि विश्व व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य केंद्र माना जाने वाला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर से सक्रिय होने जा रहा है। जहाजों की आवाजाही शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों को बड़ी राहत मिलेगी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस समझौते की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है और यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे।

रणनीतिक नियमों के अनुसार, समझौते के सभी महत्वपूर्ण विवरणों को आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह के बाद ही आम जनता के सामने साझा किया जाएगा। वहीं, परमाणु कार्यक्रम जैसे अत्यंत संवेदनशील और जटिल मुद्दों पर अगले चरणों में होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं के दौरान चर्चा की जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बड़े फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी साझा किया कि ईरान पर लगाई गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि इस मार्ग का पूर्ण संचालन शुक्रवार को होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर के बाद ही सुचारू रूप से शुरू हो पाएगा।