अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको को व्हाइट हाउस से तत्काल प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि ये मीडिया संस्थान उनके प्रशासन के बारे में लगातार काल्पनिक और झूठी खबरें प्रकाशित करते हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में इसे एक सीधा प्रतिबंध बताया, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पत्रकारों के प्रवेश को रोकने के लिए इस निर्णय को कैसे लागू किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि इस निर्णय को अदालत में कानूनी चुनौती दी जा सकती है।

मीडिया संगठनों और प्रेस स्वतंत्रता समूहों ने इस फैसले की तीखी आलोचना की है। सीएनएन ने इसे संवैधानिक अधिकारों पर अवैध हमला करार दिया, जबकि पोलिटिको ने कहा कि वह अपने प्रथम संशोधन अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाएगा।

व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष जैकी हेनरिक ने पत्रकारों का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल मीडिया के अधिकारों का मामला नहीं है, बल्कि अमेरिकी जनता के स्वतंत्र समाचार प्राप्त करने के अधिकार से जुड़ा है।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में आई खबरों के जमावड़े के कारण यह कदम उठाया गया है और भविष्य में अन्य मीडिया संस्थानों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।

जनवरी २०२५ में दोबारा पद संभालने के बाद से ट्रंप प्रशासन का मीडिया के साथ लगातार टकराव रहा है, जिसमें प्रेस पूल पर नियंत्रण और एसोसिएटेड प्रेस पर प्रतिबंध जैसे कदम शामिल हैं।

कानूनी विशेषज्ञों द्वारा इस फैसले के अदालत में निरस्त होने की संभावना जताए जाने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रेस स्वतंत्रता के बीच यह तनाव आगे और गहराने के संकेत दे रहा है।