व्हाइट हाउस के सुरक्षा चेकपोइंट पर सप्ताहांत में हुई जानलेवा मुठभेड ने एक बार फिर मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों से जुड़े सुरक्षा खतरों को उजागर कर दिया है।

सुरक्षा चौकी पर तैनात अधिकारियों पर अचानक बन्दूक तानकर फायरिंग करने वाले २१ वर्षीय हमलावर नासिरे बेस्ट को सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराया है।  

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बेस्ट ने अपने बैग से हथियार निकाला और सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस मुठभेड़ में एक राहगीर भी गोली लगने से घायल हो गया। घटना के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प परिसर के भीतर ही मौजूद थे, हालांकि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।  

अदालती दस्तावेजों से साफ होता है कि हमलावर लंबे समय से मानसिक मतिभ्रम का शिकार था और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था।  
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पिछले साल की गर्मियों के दौरान उसे कई बार व्हाइट हाउस के आसपास मंडराते और प्रतिबंधित प्रवेश द्वारों के भीतर घुसने के तरीके पूछते हुए देखा गया था, जिसके बाद से सीक्रेट सर्विस उस पर नजर रख रही थी।  

रिकॉर्ड के मुताबिक, २६ जून २०२5 को व्हाइट हाउस के एक वाहन मार्ग को बाधित करने के आरोप में उसे हिरासत में लेकर जबरन मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इस संस्थागत हस्तक्षेप के बावजूद उसकी हरकतों में सुधार नहीं हुआ। १० जुलाई २०२5 को वह चेतावनी बोर्डों को नजरअंदाज कर एक बेहद संवेदनशील प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया, जहां सुरक्षाबलों ने उसे घेरा।

उस समय गिरफ्तारी के दौरान बेस्ट ने खुद को 'जीसस क्राइस्ट' बताते हुए कहा था कि वह जानबूझकर गिरफ्तार होना चाहता है।

जांचकर्ताओं को उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी बेहद आपत्तिजनक सामग्री मिली है, जिसमें उसने खुद को भगवान का बेटा बताने के साथ-साथ राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ हिंसा फैलाने की धमकी दी थी।

इस गंभीर हमले के बाद अब संघीय जांच एजेंसियां सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को टटोलने और हमलावर के पुराने रिकॉर्ड्स की बारीकी से पड़ताल करने में जुट गई हैं।