नेपाल के दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन क्षमताओं को विस्तार देते हुए गृह सचिव राजकुमार श्रेष्ठ ने मनांग जिले के हुम्डे में सशस्त्र पुलिस बल (APF) के पर्वतीय बचाव प्रशिक्षण स्कूल का विधिवत उद्घाटन किया। 3,420 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह केंद्र उच्च तुंगता वाले क्षेत्रों में जीवन बचाने के लिए समर्पित है।

इस अवसर पर उच्च भू-भाग खोज एवं बचाव प्रशिक्षण के दूसरे बैच का समापन भी हुआ। गृह सचिव ने जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में किया जाने वाला यह कार्य न केवल मानवीय सेवा है, बल्कि नेपाल के पर्यटन उद्योग के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच भी है।

सशस्त्र पुलिस महानिरीक्षक नारायण दत्त पौडेल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पर्वतीय बचाव क्षमता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की प्रतिष्ठा से जुड़ी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस केंद्र को आधुनिक बचाव उपकरणों, समर्पित हेलीकॉप्टरों और जोखिम भत्ते जैसी सुविधाओं से लैस किया जाए ताकि कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले जवानों का मनोबल बना रहे।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में 12 मई (29 बैशाख) को इस केंद्र के 22 सदस्यों की टीम ने 6,038 मीटर ऊंचे चुलु फार ईस्ट पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी। यह बल की तकनीकी दक्षता और शारीरिक सुदृढ़ता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

साल 2021 से हुम्डे में कार्यरत इस संस्थान ने अब तक 250 से अधिक विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया है। इन प्रशिक्षित जवानों ने पिछले कुछ वर्षों में भारी बर्फबारी के दौरान 1,500 से अधिक लोगों की जान बचाई है और मनांग-मुस्तांग जैसे जिलों में फंसे हुए अनेक विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला है।