नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में कुल 1,20,516 विदेशी पर्यटकों ने नेपाल का दौरा किया। हालांकि आगमन की कुल संख्या उत्साहजनक है, लेकिन विकसित देशों, विशेषकर यूरोप और अमेरिका से आने वाले पर्यटकों की रुचि में कमी देखी गई है।
दक्षिण एशियाई (सार्क) देशों का नेपाल के पर्यटन क्षेत्र में सबसे बड़ा योगदान रहा है, जहां से कुल 42,668 पर्यटक पहुंचे। यह कुल आगमन का लगभग 35.4 प्रतिशत है। इस सूची में भारत 25,728 पर्यटकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि श्रीलंका और बांग्लादेश से भी अच्छी संख्या में लोग आए हैं।
चीन और अन्य एशियाई देशों ने भी इस महीने नेपाल के पर्यटन को नई ऊर्जा दी है। चीन से 11,220 पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि म्यांमार और थाईलैंड जैसे देशों से भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। 'अन्य एशिया' क्षेत्र से कुल मिलाकर 33,436 पर्यटक नेपाल की सुंदरता निहारने पहुंचे।
वहीं दूसरी ओर, यूरोपीय देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 18.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे पारंपरिक बाजारों से आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हुई है। इसी तरह, अमेरिका से आने वाले पर्यटकों के ग्राफ में भी भारी गिरावट आई है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण यूरोप और अमेरिका से लंबी दूरी की यात्राएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि एशियाई पर्यटकों की तुलना में इनकी संख्या कम है, लेकिन अधिक खर्च करने वाले पर्यटकों के रूप में इनका योगदान नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
आंकड़ों की तुलना करें तो मार्च 2025 में 1,21,687 पर्यटक आए थे, जबकि कोविड से पहले यह संख्या 1,27,351 तक पहुंच गई थी। पश्चिमी देशों के पर्यटकों की घटती संख्या को देखते हुए नेपाल को अब अपनी मार्केटिंग रणनीतियों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता हो सकती है।