ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने देश में ईंधन की आसमान छूती कीमतों और जीवनयापन की बढ़ती लागत से निपटने के लिए ईंधन उत्पाद शुल्क (फ्यूल एक्साइज) में ५० प्रतिशत की कटौती का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बुधवार से लागू होने वाले इस फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि अगले तीन महीनों तक कर की दरें आधी रहेंगी। यह कदम कैनबरा में राज्यों और क्षेत्रों के नेताओं के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद उठाया गया है।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल संकट गहरा गया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऑस्ट्रेलियाई पेट्रोलियम संस्थान (एआईपी) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह अनलेडेड ईंधन की औसत कीमत २.५३ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच गई, जो महज एक सप्ताह में ६.३ प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह डीजल की कीमतों में भी ९.७ प्रतिशत का उछाल देखा गया है। सरकार के इस हस्तक्षेप से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर लगभग २६.३ सेंट की कमी आने की संभावना है।
परिवहन क्षेत्र और माल ढुलाई उद्योग को मजबूती देने के लिए, सरकार ने भारी वाहनों पर लगने वाले 'रोड यूजर चार्ज' को भी तीन महीनों के लिए पूरी तरह से हटा दिया है। कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स ने जानकारी दी कि इन राहत उपायों के कारण सरकारी खजाने पर लगभग २.५५ बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का वित्तीय बोझ पड़ेगा।
तत्काल राहत देने के अलावा, प्रधानमंत्री अल्बनीज ने भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय योजना पर भी सहमति जताई है। यह योजना विभिन्न राज्य सरकारों के बीच समन्वय स्थापित करेगी ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव से घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम नुकसान हो।