झापा-5 में भूमिहीन और अव्यवस्थित बसोबास की समस्या को लेकर राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा लोकसभा उम्मीदवार बालेन्द्र शाह (बालेन) ने समयसीमा तय कर समाधान का वादा किया है।
सोमवार को जारी झापा केंद्रित घोषणापत्र में कहा गया है कि रास्वपा सरकार बनने के 100 दिन के भीतर अधिकार संपन्न आयोग का गठन किया जाएगा और 1,000 दिन के भीतर समस्या का समाधान करने की नीति अपनाई जाएगी।
अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार झापा-5 में लगभग 12 हजार परिवार, जिनमें करीब 3,500 व्यक्ति भूमिहीन या अव्यवस्थित बसोबास की स्थिति में हैं। पूरे झापा जिले में ऐसे परिवारों की संख्या 50 हजार 700 से अधिक बताई गई है।
झापा-5 के अंतर्गत दमक नगरपालिका में 6,346 परिवार, गौरादह में 2,660, गौरीगंज में 2,146 और कमल गांवपालिका में 818 परिवार इस श्रेणी में आते हैं।
भूमि सुधार के तहत बालेन ने बंजर जमीन के उपयोग और भूमि एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भूमि बैंक की व्यवस्था करने की बात कही है। साथ ही ऐलानी जमीन के प्रबंधन और अभिलेखविहीन जमीनों के सर्वेक्षण व नापी-नक्शा कार्य पूरा करने का भी उल्लेख किया गया है।
घोषणापत्र में दमक व्यूटावर को संचालन में लाने की प्रतिबद्धता भी शामिल है। चुनावी माहौल के बीच झापा-5 में भूमि मुद्दा प्रमुख एजेंडा के रूप में उभरा है।