चितवन राष्ट्रीय निकुंज से रिहायशी इलाके में दाखिल हुए एक जंगली हाथी के हमले के कारण भरतपुर महानगरपालिका वडा संख्या २३, बेलहट्टा में अपने घर के भीतर मौजूद मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई है। अपने निवास स्थान पर बैठे रहने के दौरान हुए इस अचानक हमले में २१ वर्षीय अशिका बोटे और उनके ४ वर्षीय बेटे भरत बोटे की जान चली गई।

भरतपुर महानगरपालिका वडा संख्या २३ के वडा अध्यक्ष दीपक दवाडी के अनुसार शनिवार रात राष्ट्रीय निकुंज की सीमा से बाहर निकले जंगली हाथी ने इस रिहायशी घर को अपना निशाना बनाया था। हाथी द्वारा किए गए इस भीषण हमले के कारण घर के भीतर मौजूद मां और बेटे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

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इस दुखद घटना के तुरंत बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों और राष्ट्रीय निकुंज प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हिंसक जंगली हाथी को तुरंत नियंत्रण में लेने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और चितवन राष्ट्रीय निकुंज कार्यालय के माध्यम से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित राहत राशि प्रदान करने पर सहमति बनी है।

प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए समझौते के तहत राष्ट्रीय निकुंज कार्यालय के माध्यम से मृतक के क्षतिग्रस्त घर का पुनर्निर्माण कराया जाएगा और क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे। इस सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन से भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में रिहायशी सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाए जाने की उम्मीद है।