नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ (FNCCI) के अध्यक्ष चंद्र प्रसाद ढकाल ने निजी क्षेत्र के प्रभाव को बनाए रखने के लिए आगामी चुनावों में आम सहमति से नेतृत्व चुनने की अपील की है। चुनाव से पहले आयोजित एक कार्यक्रम में ढकाल ने चेतावनी दी कि पैनल आधारित विभाजन संगठन को कमजोर करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि देश वर्तमान में दो-तिहाई बहुमत वाली एक स्थायी सरकार के गठन की ओर बढ़ रहा है, और ऐसी स्थिति में यदि निजी क्षेत्र विभाजित रहा, तो सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर सकती है।

अपने पुराने चुनावी अनुभवों को साझा करते हुए ढकाल ने उम्मीदवारों को चुनावी वादों की अनिश्चितता के प्रति आगाह किया। उन्होंने एक किस्सा सुनाया जहाँ ७८ प्रतिनिधियों के समर्थन के बावजूद वे मात्र एक वोट से हार गए थे। इस उदाहरण के माध्यम से उन्होंने वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अन्य उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे आपसी अहंकार को त्याग कर समझदारी दिखाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संशोधित विधान के तहत पदों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे पदाधिकारी स्तर पर सर्वसम्मत चयन की पर्याप्त गुंजाइश है।

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अध्यक्ष ढकाल के अनुसार, महासंघ का संशोधित विधान जिला और नगर उद्योग वाणिज्य संघों के अधिकारों को और अधिक व्यापक बनाता है। उन्होंने पूर्व अध्यक्षों की चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र के अस्तित्व और उसकी आवाज की गरिमा तभी सुरक्षित रहेगी जब नेतृत्व एक स्वर में बात करेगा। उन्होंने उम्मीदवारों से आग्रह किया कि वे संसदीय चुनावों के अप्रत्याशित परिणामों से सीख लें और चुनावी टकराव के बजाय सहमति का रास्ता अपनाएं, ताकि महासंघ एक मजबूत संस्था के रूप में सरकार के समक्ष अपनी बात रख सके।