काठमांडू | अंतर्राष्ट्रीय डेस्क - भारत हाल के वर्षों में दुनिया के विभिन्न देशों के साथ प्रौद्योगिकी, डिजिटल बुनियादी ढांचे और नवाचार के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को तेजी से बढ़ा रहा है, ऐसा विश्लेषण सामने आया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, दूरसंचार, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (Digital Public Infrastructure) जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती सक्रियता ने वैश्विक प्रौद्योगिकी सहयोग में एक नया आयाम जोड़ा है, विशेषज्ञों का ऐसा कहना है।

विश्लेषण के अनुसार, भारत अमेरिका, जापान, यूरोपीय देशों, ऑस्ट्रेलिया और अन्य साझेदार देशों के साथ अत्याधुनिक तकनीक विकास, अनुसंधान, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में सहयोग का विस्तार कर रहा है। कहा गया है कि इसने भारत को एक वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक रणनीति को बल दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे—यूपीआई (UPI), आधार, डिजिटल भुगतान प्रणाली और डिजिटल सेवा वितरण—ने कई देशों का ध्यान आकर्षित किया है। इन सफल मॉडलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के लिए भारत विभिन्न राष्ट्रों के साथ सहयोग करता आ रहा है, जिसने डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में नई संभावनाएं पैदा की हैं।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, सेमीकंडक्टर उत्पादन, क्वांटम कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा में भारत ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इससे उच्च मूल्य वाले उद्योगों, अनुसंधान और कुशल जनशक्ति विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।

विश्लेषकों के अनुसार, जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का विविधीकरण हो रहा है, भारत एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी साझेदार के रूप में उभर रहा है। नियमों पर आधारित सहयोग, लोकतांत्रिक मूल्यों और खुले डिजिटल इकोसिस्टम के प्रति प्रतिबद्धता के कारण कई देश भारत के साथ प्रौद्योगिकी साझेदारी का विस्तार करने में रुचि दिखा रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञों के अनुसार, प्रौद्योगिकी अब केवल आर्थिक विकास का माध्यम ही नहीं बल्कि एक रणनीतिक शक्ति भी बन गई है। ऐसी स्थिति में भारत द्वारा बनाई जा रही बहुआयामी प्रौद्योगिकी साझेदारी आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता, डिजिटल नेतृत्व और वैश्विक प्रभाव को और मजबूत करने की उम्मीद है।