पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में अलगाववादी विद्रोही गुटों के ताजा हमलों में कम से कम चार सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई है, जबकि विभिन्न जिलों में बुनियादी ढांचे और खनन परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है।

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने लसबेला के वल्लापत क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के फ्रंटियर कोर के बम निरोधक दस्ते को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट किया और भारी गोलीबारी की।

सरकारी अधिकारियों ने इस हमले में चार सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और एक नागरिक सहित सात लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। इसके विपरीत विद्रोही संगठन ने नौ सैनिकों की मौत और ११ से अधिक के घायल होने का दावा किया है।

सैन्य ठिकानों के अलावा, बीएलए के लड़ाकों ने मशकेल स्थित एक लिथियम अन्वेषण स्थल पर हमला करके चार ड्रिलिंग मशीनों और पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही स्थानीय और विदेशी कंपनियों को क्षेत्र में खनन गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

संगठन ने जिवाणी में चार लोगों की हत्या का भी दावा किया है, जिन पर सैन्य खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इस बीच, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने कच्छी जिले में सघन गश्ती और नाकेबंदी अभियान चलाया है। दोनों अलगाववादी समूहों ने स्पष्ट किया है कि बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का लक्ष्य हासिल होने तक उनके ऐसे अभियान जारी रहेंगे।