काठमांडू स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में हरितालिका तीज के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल ने संयुक्त रूप से सुरक्षा, बचाव, स्वास्थ्य, पेयजल तथा यातायात प्रबंधन की विशेष सेवाएं शुरू की हैं।

भाद्र २९ गते तीज पर्व के अवसर पर पशुपतिनाथ मंदिर के चारों द्वार तड़के ३:१५ बजे ही खोल दिए गए थे। पुलिस के अनुसार सुबह ७ बजे तक लगभग ९ हजार श्रद्धालु पशुपतिनाथ के दर्शन कर चुके हैं, जबकि करीब ३ हजार श्रद्धालु कतार में खड़े हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस द्वारा सूचना प्रसार, लापता लोगों की खोजबीन, स्वास्थ्य शिविर और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी, ड्रोन तथा संचार तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी, वर्दीधारी महिला एवं पुरुष बल तथा आपदा बचाव दल तैनात किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत दो शिफ्टों में २,५०० से अधिक नेपाल पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें प्रत्येक शिफ्ट में लगभग १,२५० कर्मी कार्यरत हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल ने बीती रात २ बजे से ही लगभग ८०० जवान तैनात किए हैं। नेपाल एपीएफ अस्पताल बलम्बू से महिला डॉक्टरों की मेडिकल टीम और एम्बुलेंस तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त, बागमती नदी किनारे गोताखोरों सहित बचाव दल को सतर्क रखा गया है।

तिलगंगा, जय बागेश्वरी, गुह्येश्वरी, विश्वरूपा मंदिर और गौरीघाट क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए पशुपति परिसर में एक कमांड पोस्ट स्थापित किया गया है। सशस्त्र प्रहरी बल के सह-प्रवक्ता डीएसपी शैलेंद्र थापा के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहजता के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।