नेपाल आज भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव 'राम नवमी' को पूर्ण श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के आंगन में अवतरित हुए प्रभु राम की याद में आज देशभर के मंदिरों में मंगल गान हो रहे हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय और मानवीय मूल्यों के संरक्षण का संदेश भी देता है।
उत्सव का मुख्य केंद्र जनकपुरधाम बना हुआ है, जहाँ के भव्य राम जानकी मंदिर में विशेष मेले का आयोजन किया गया है। यहाँ नेपाल और भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में तीर्थयात्री प्रभु राम और माता सीता के दर्शन हेतु पहुँचे हैं। मंदिर परिसर में झाँकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अखंड भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी है। वहीं, राजधानी काठमांडू के बत्तिसपुतली स्थित राम मंदिर और पशुपति क्षेत्र में भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
श्रद्धालु आज पवित्र नदियों और कुंडों में स्नान कर व्रत रख रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर रामायण पाठ और राम नाम जप के विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। चूंकि आज चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन है, इसलिए मां दुर्गा के नौवें स्वरूप की पूजा के साथ-साथ भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की विशेष आराधना की जा रही है। शाम तक चलने वाले इन धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।