नेपाल और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों और विधायी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। प्रतिनिधि सभा के नवनिर्वाचित सभामुख (अध्यक्ष) डोलप्रसाद (डीपी) अर्याल से नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शिष्टाचार भेंट की।

इस मुलाकात के दौरान सभामुख अर्याल ने साझा किया कि जनता के मजबूत जनादेश से बनी वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल के सफल १०० दिन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों के दौरान भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई महत्वपूर्ण साजो-सामान (लॉजिस्टिक) सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों देशों के बीच की भौगोलिक निकटता, साझा सभ्यता और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए अर्याल ने कहा कि व्यापार, सुरक्षा, नागरिक उड्डयन, जल संसाधन और कनेक्टिविटी जैसे विभिन्न द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से आपसी संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

संसदीय स्तर पर सहयोग को नया आयाम देने के लिए सभामुख अर्याल ने बताया कि नई प्रतिनिधि सभा के गठन के बाद बिपिन आचार्य के नेतृत्व में १० सदस्यीय 'नेपाल-भारत संसदीय मैत्री समूह' का गठन किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समूह अंतर-संसदीय संबंधों को एक नई गति प्रदान करेगा।

बैठक में भारतीय राजदूत श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि भारत की लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला नेपाल की यात्रा करने के इच्छुक हैं। इसके साथ ही उन्होंने नेपाल के सभामुख और सांसदों को भारत की संसदीय कार्यप्रणाली के अध्ययन और अवलोकन के लिए भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। राजदूत ने विश्वास व्यक्त किया कि उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद और संसदीय कूटनीति दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और जन-जन के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।