एप्पल अपनी आगामी आईफोन 18 सीरीज में रैम की क्षमता में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रसिद्ध विश्लेषक मिंग-ची कुओ के अनुसार कंपनी विशेष रूप से एप्पल इंटेलिजेंस (एआई वर्कलोड) को अधिक सहज और तेज बनाने के उद्देश्य से हार्डवेयर में यह महत्वपूर्ण सुधार करने जा रही है।

इस नई योजना के तहत शुरुआती आईफोन मॉडलों यानी आईफोन 18 और आईफोन 18ई में 9 जीबी का रैम दिया जाएगा। यह मौजूदा आईफोन 17 सीरीज के 8 जीबी रैम की तुलना में 1 जीबी अधिक है। तकनीकी रूप से एप्पल इसमें 1.5 जीबी के 6 'डाइज' का उपयोग करके 9 जीबी का कॉन्फ़िगरेशन तैयार करेगा और इन मॉडलों में एप्पल का नया ए20 चिपसेट इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके साथ ही एप्पल के उच्च क्षमता वाले प्रीमियम मॉडलों में भी रैम को लेकर बड़ा अपग्रेड देखने को मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन 18 प्रो, आईफोन 18 प्रो मैक्स और आईफोन अल्ट्रा मॉडलों में 12 जीबी का रैम दिया जाएगा। इस क्षमता को हासिल करने के लिए 1.5 जीबी के 8 ‘डाइज’ का उपयोग किया जाएगा और इन हाई-एंड मॉडलों में शक्तिशाली ए20 प्रो चिपसेट दिया जाएगा। इसके अलावा एप्पल द्वारा भविष्य में पेश किए जाने वाले फोल्डेबल आईफोन में भी 12 जीबी रैम का ही इस्तेमाल करने के संकेत मिले हैं।

एप्पल द्वारा आईफोन में रैम बढ़ाने का मुख्य कारण एप्पल इंटेलिजेंस अर्थात एआई के कार्यों को बिना किसी सिस्टम बाधा के सुचारू रूप से चलाना है। एआई के जटिल कार्यों को निष्पादित करने के लिए अधिक मेमोरी की आवश्यकता होती है इसलिए एप्पल अपने आगामी स्मार्टफोन्स को उसी के अनुरूप तैयार कर रहा है।

आईफोन 18 और 18ई में 9 जीबी रैम के प्रयोग को तकनीकी बाजार में एक अनोखे लेकिन सराहनीय कदम के रूप में देखा जा रहा है। एप्पल अपने प्रो मॉडलों और बेसिक मॉडलों के बीच कार्यक्षमता का संतुलन बनाए रखने तथा उपयोगकर्ताओं को बेहतरीन एआई अनुभव देने के लिए यह हार्डवेयर रणनीति अपना रहा है।

आईफोन 18 प्रो सीरीज के इसी साल सितंबर में लॉन्च होने का अनुमान है जबकि इसके बेसिक मॉडल साल 2027 के मार्च-अप्रैल के आसपास सार्वजनिक किए जा सकते हैं। इस नए हार्डवेयर अपग्रेड से आने वाले समय में स्मार्टफोन बाजार और उपभोक्ता अनुभव पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।