दिग्गज अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन चेस ने अपने पूर्व इन्वेस्टमेंट बैंकर चिरायु राणा के साथ चल रहे विवाद को अदालती कार्यवाही से पहले ही सुलझाने के लिए 10 लाख डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) की पेशकश की थी। यह प्रस्ताव तब दिया गया था जब राणा ने बैंक की एक वरिष्ठ महिला अधिकारी पर यौन उत्पीड़न और जातीय टिप्पणी के आरोप लगाए थे।

राणा ने अपने कानूनी दावे में आरोप लगाया है कि उन्हें उनके नेपाली मूल के होने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा और एक वरिष्ठ महिला सहकर्मी ने उन पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। बैंक ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इन आरोपों की आंतरिक जांच की थी, जिसमें उन्हें कोई सच्चाई नहीं मिली। बैंक के अनुसार, समझौते का प्रस्ताव केवल लंबी कानूनी लड़ाई और बदनामी से बचने के लिए दिया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिरायु राणा ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और बदले में 11.75 मिलियन डॉलर की मांग की। मामला सुलझने के बजाय अब न्यूयॉर्क की अदालत में पहुंच चुका है। मुकदमे में दिए गए चौंकाने वाले विवरणों के बाद सोशल मीडिया पर इस केस से जुड़े एआई-जनरेटेड वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे वॉल स्ट्रीट में हड़कंप मचा हुआ है।

दूसरी ओर, आरोपी महिला लोर्ना हाज्दिनी के वकीलों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि राणा और हाज्दिनी के बीच कभी कोई निजी रिश्ता नहीं रहा और ये दावे केवल छवि खराब करने के लिए गढ़े गए हैं। इस विवाद के बीच राणा को अपनी नई कंपनी से भी हाथ धोना पड़ा है।

मुकदमे में अब कुछ गवाहों के हलफनामे भी शामिल किए गए हैं, जो दोनों के बीच संबंध होने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल यह मामला अदालत के अधीन है और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राणा अपने दावों को साबित कर पाते हैं या बैंक अपनी बेगुनाही के पक्ष में और पुख्ता सबूत पेश करता है।