नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित माइतीघर मंडला में राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव का आमरण अनशन नौवें दिन में प्रवेश कर गया है। सुनसरी जिले के देवानगंज में हुई हिंसक वारदात के विरोध में जारी इस आन्दोलन ने अब राजनीतिक रूप से तूल पकड़ लिया है।
प्रतिनिधि सभा की बैठक के दौरान राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) की सांसद खुस्बू ओली ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मांग की कि अनशनकारी के जीवन की रक्षा के लिए तत्काल वार्ता प्रक्रिया शुरू की जाए और उनकी जायज मांगों को संबोधित किया जाए।

इसी बीच, राष्ट्रीय मधेशी आयोग के अध्यक्ष विनय दत्त ने अनशन स्थल पर पहुंचकर विनय यादव की मांगों का समर्थन किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुनसरी घटना की पारदर्शी जांच, दोषियों को कड़ी सजा और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
दत्त ने यह भी रेखांकित किया कि देश में अवैध वित्तीय गतिविधियां, घुसपैठ और सीमा पार से होने वाले अपराध नेपाल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र का दर्जा हटने के बाद बहुसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा में वृद्धि हुई है, जिस पर गंभीर विचार-विमर्श आवश्यक है।
अनशन स्थल पर विभिन्न दलों के नेताओं और नागरिक समाज की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है, लेकिन नेपाल सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।