नेपाल के लुंबिनी में आयोजित चौथे अंतरराष्ट्रीय शांति मैराथन में त्रिभुवन आर्मी क्लब के एथलीटों ने पूरी तरह से अपना दबदबा कायम कर लिया है। शनिवार को भगवान बुद्ध की पवित्र जन्मस्थली पर हुए इस आयोजन ने न केवल शारीरिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और सद्भाव का एक कड़ा संदेश भी दिया।
इस खेल आयोजन का सबसे चौंकाने वाला परिणाम महिलाओं की 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में देखने को मिला। आर्मी की धावक पूर्णलक्ष्मी न्यौपाने ने 1 घंटे 17 मिनट और 10 सेकंड के समय के साथ खिताबी जीत दर्ज की। उन्होंने 13वें दक्षिण एशियाई खेल (SAG) की स्वर्ण पदक विजेता और इस मैराथन की पिछले दो संस्करणों की चैंपियन रहीं संतोषी श्रेष्ठ को करारी शिकस्त दी। संतोषी को इस बार दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा, जबकि निशा शर्की तीसरे स्थान पर रहीं।
पुरुषों की 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन में भी आर्मी क्लब का ही एकतरफा राज रहा। विनोद रोकाया ने 2 घंटे 17 मिनट 55 सेकंड में दौड़ पूरी कर चैंपियनशिप अपने नाम की और 3 लाख 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार जीता। उनके साथी धावकों, सुशील कुमार शाही और नरेंद्र सिंह राउत ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर पोडियम पर आर्मी क्लब का पूरी तरह से कब्जा जमा लिया। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में विदेशी एथलीट पीछे रह गए, जहां चीन के वांग ची चौथे और केन्या के जूलियस वाकोमे पांचवें स्थान पर रहे।
नेपाल ओलंपिक समिति (NOC) द्वारा चीनी दूतावास के सहयोग से आयोजित इस मैराथन में भारत, चीन और केन्या के खिलाड़ियों ने भी विभिन्न श्रेणियों में हिस्सा लिया। पुरुषों की 5 किलोमीटर ओपन दौड़ में नेपाल पुलिस के नागेश्वर अहीर ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि भारत के प्रिंस निषाद तीसरे स्थान पर रहे।
विजेताओं को एनओसी अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ और अन्य अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ संपन्न हुआ यह सफल आयोजन भविष्य में नेपाल को 'स्पोर्ट्स टूरिज्म' के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।