नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया है कि उत्तरी पड़ोसी देश चीन के साथ कुछ सीमित क्षेत्रों में सीमा संबंधी मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
गुरुवार को संसद में सांसदों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि चीनी सीमा पर कुछ खास जगहों को लेकर विवाद मौजूद है और यह पूरी तरह अनसुलझा नहीं है।
उन्होंने सदन को यह भी अवगत कराया कि वर्तमान समय में उत्तरी सीमाओं और नाकों पर गतिविधियों का स्तर काफी कम देखा जा रहा है।
इसी दौरान विदेश मंत्री खनाल ने भारत के साथ चल रहे सीमा प्रबंधन कार्यों की प्रगति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि नेपाल और भारत के बीच सीमा स्तंभों के पुनर्निर्माण तथा सीमा पार अतिक्रमण (क्रसबोर्डर अकुपेसन) जैसे मुद्दों पर लगातार बातचीत जारी है।
उनके अनुसार, यह तकनीकी प्रक्रिया पिछले लंबे समय से रुकी हुई थी, जिसे अब दोबारा से सक्रिय कर दिया गया है।
फिलहाल दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञ सीमावर्ती क्षेत्रों में खुद मौजूद हैं। दोनों पक्षों के अधिकारी और प्राविधिक दल जमीनी स्तर पर इन अटके हुए कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटे हैं।