नेपाल में पिछले वर्ष हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान जेल से फरार हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर को भारत के गुजरात में गिरफ्तार कर लिया गया है। अहमदाबाद स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) क्राइम ब्रांच ने आरोपी धर्मेश रसिकलाल चुनारा को हिरासत में लिया है।

चुनारा सितंबर 2025 में नेपाल में हुए जेन-ज़ी आंदोलन के दौरान फरार हुआ था, जब काठमांडू की भद्रगोल जेल में तोड़फोड़ और अराजकता फैल गई थी। इसी दौरान कई कैदी जेल से भाग निकले थे।

इस मामले की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई थी, जब चुनारा बैंकॉक से काठमांडू पहुंचा था। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसकी तलाशी के दौरान 13 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की हाइब्रिड गांजा बरामद की गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत 13 करोड़ रुपये बताई गई। इसके बाद उसे नेपाल में जेल भेज दिया गया था।

फरारी के बाद नेपाल सरकार ने फरार भारतीय नागरिकों की सूची भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सौंपी थी। इसी आधार पर विभिन्न राज्यों की पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। सीमित रिकॉर्ड के कारण जांच चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया गया।

अंततः अहमदाबाद में एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने जेल में हुई हिंसा का फायदा उठाकर भागने और सोनौली सीमा के रास्ते भारत लौटने की बात स्वीकार की है।

फिलहाल अहमदाबाद एसओजी आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और नेपाल के साथ समन्वय की संभावना जताई जा रही है।