नेपाल की कानून, न्याय और संसदीय कार्य मंत्री सोविता गौतम ने समाज में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास, प्रतिशोध और स्वार्थ के कारण आज भी महिलाओं के सपनों को कुचला जा रहा है और उन्हें जिंदा जलाए जाने जैसी अमानवीय घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को बदलने के लिए सरकार जल्द ही नए और कड़े कानून बनाने की दिशा में कदम उठाएगी।

सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के प्रधान कार्यालय में आयोजित सशस्त्र पुलिस परिवार महिला संघ के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर बोलते हुए मंत्री गौतम ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में केवल अधिकारों की मांग करना ही समस्या का हल नहीं है। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अपने मौजूदा अधिकारों का पूरी तरह से उपयोग करते हुए एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

मंत्री गौतम ने महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यदि समग्र महिला जगत के कल्याण के लिए कानून बनाने पर उन पर व्यक्तिगत हित का आरोप भी लगता है, तो वे उस आलोचना को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की पत्नियों के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सेवा के कार्यों को व्यापक बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग अनिवार्य है।

समारोह के दौरान संघ की अध्यक्षा सावित्रा कुमारी जैसी ने कहा कि कानून मंत्री की उपस्थिति से सामाजिक सेवा और मानवीय कार्यों में जुटे सदस्यों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ केवल औपचारिक उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन के माध्यम से समाज के वंचित और हाशिए पर मौजूद वर्गों को सशक्त बनाने के अपने अभियान को निरंतर जारी रखेगा।