नेपाल सरकार ने आगामी वित्त वर्ष 2083/84 के नीति और कार्यक्रम में प्रवासी नेपालियों (एनआरएनए) और विदेशी रोजगार में लगे नागरिकों के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। सोमवार को राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडल द्वारा संसद के संयुक्त सत्र में पेश किए गए इस कार्यक्रम में डायस्पोरा की पूंजी और अनुभव को देश के विकास का आधार बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 'नेपाल इन्वेस्टमेंट वीजा' शुरू करने और निवेश की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।
प्रवासियों के ज्ञान और तकनीकी कौशल का लाभ उठाने के लिए 'नॉलेज बैंक' और 'डायस्पोरा एक्सपर्ट नेटवर्क' की स्थापना की जाएगी। साथ ही, विदेशों में काम कर रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा के लिए विदेश मंत्रालय में 24 घंटे सक्रिय रहने वाले 'सेंट्रल रिस्पांस यूनिट' और त्वरित बचाव दल (रैपिड रेस्क्यू टीम) का गठन किया जाएगा। पासपोर्ट और कांसुलर सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने के साथ-साथ हुंडी को हतोत्साहित करने के लिए 'प्रेषण-निवेश मिलान कोष' का संचालन किया जाएगा, ताकि रेमिटेंस को उत्पादक क्षेत्रों में लगाया जा सके।
सरकार ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए 2083/84 से 2092/93 तक को 'रोजगार संवर्धन दशक' घोषित किया है। इसके तहत विदेश से वापस आने वाले युवाओं के लिए 'रिवर्स माइग्रेशन' पैकेज और उनके कौशल प्रमाणन के लिए 'डिजिटल स्किल पासपोर्ट' की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त, 'रिमोट वर्क' नीति के माध्यम से नेपाली युवाओं को घर बैठे विदेशी कंपनियों के लिए काम करने का कानूनी ढांचा प्रदान किया जाएगा, जिससे आईटी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और 'ब्रांड नेपाल' अभियान के जरिए देश की कला-संस्कृति का वैश्विक प्रचार किया जाएगा।