रात में देर तक जागने और देर से सोने की आदत दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि नाइट आउल जीवनशैली अपनाने वाले लोगों में दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में ब्रिटेन के 3.2 लाख से अधिक वयस्कों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। नतीजों के अनुसार, इवनिंग-टाइप व्यक्तियों में हृदय स्वास्थ्य सूचकांक कमजोर पाया गया और उनमें दिल की गंभीर बीमारियों का जोखिम 16 प्रतिशत अधिक था।

शोध में Life’s Essential 8 मापदंडों का उपयोग किया गया, जिसमें जीवनशैली और चिकित्सीय दोनों पहलू शामिल हैं। अध्ययन के अनुसार जोखिम का मुख्य कारण केवल देर से सोना नहीं, बल्कि धूम्रपान, कम नींद, उच्च रक्त शर्करा और असंतुलित आहार जैसे कारक हैं।

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महिलाओं में इस जीवनशैली का असर अधिक स्पष्ट दिखा, जिसे विशेषज्ञों ने अतिरिक्त सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जोड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित नींद, धूम्रपान छोड़ना और छोटे-छोटे स्वास्थ्य सुधार लंबे समय में हृदय रोग के खतरे को कम कर सकते हैं।