जनकपुर। मधेश प्रदेश सरकार की विकास योजनाएं दिलाने का झांसा देकर अग्रिम राशि और कमीशन वसूलने के आरोप में गिरफ्तार रामेश्वर पराजुली रकम लौटाते ही फिर गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

सिराहा के कमल यादव से योजना का काम दिलाने के नाम पर ली गई कथित ८ लाख रुपये की राशि वापस करने के बाद, सिराहा पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति के आधार पर पराजुली को रिहा कर दिया था। लेकिन, रिहा होने के कुछ ही समय बाद उन्हें महोत्तरी पुलिस ने फिर गिरफ्तार कर लिया, ऐसा सूत्रों ने बताया है।

सूत्रों के अनुसार पराजुली पर महोत्तरी में भी विकास योजनाओं के नाम पर १ करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूलने का आरोप है। मधेश प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास योजनाएं पास कराने का आश्वासन देकर कमीशन वसूलने का भी उन पर आरोप है।

सूत्रों का आरोप है कि पराजुली का इस्तेमाल तत्कालीन समय में जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल के नेता और तत्कालीन वित्त मंत्री संजय कुमार यादव के कार्यकाल में योजनाएं दिलाने के नाम पर रकम जुटाने वाले व्यक्ति के रूप में किया गया था। सूत्रों ने आरोप लगाया है कि जसपा नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव और उनके बेटे अमरेन्द्र यादव से भी पराजुली का करीबी रिश्ता था और उन्हीं के संरक्षण में कमीशन वसूलने का काम किया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।

सूत्रों के अनुसार पराजुली पर मधेश प्रदेश के लगभग सभी जिलों में विकास योजनाएं मंजूर कराने और बजट जारी कराने का झांसा देकर विभिन्न लोगों से पैसे ऐंठने का आरोप है। दावा किया गया है कि वह कुछ लोगों से अग्रिम राशि लेता था और कुछ से काम पूरा होने के बाद कमीशन वसूलता था।

सूत्रों का दावा है कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) भी कर रहा है। पराजुली पर लगे आरोपों, वित्तीय लेनदेन और राजनीतिक पहुंच के बारे में आगे की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

सिराहा में रकम लौटाकर सहमति के आधार पर रिहा किए जाने के बावजूद, महोत्तरी में फिर से गिरफ्तारी के बाद पराजुली के खिलाफ विभिन्न जिलों से एकत्र की गई राशि और विकास योजनाओं से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच और गहरी होने वाली है।

इस विषय में उपेन्द्र यादव, अमरेन्द्र यादव और संजय कुमार यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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