नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के संयोजक और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल 'प्रचंड' ने सरकार को आगाह किया है कि यदि जनता द्वारा बलिदान से प्राप्त अधिकारों को छीनने की कोशिश की गई, तो उनकी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक कड़ा प्रतिरोध करेगी। अखिल नेपाल महिला संघ (क्रांतिकारी) के एक कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे सरकार के रचनात्मक कार्यों का समर्थन करेंगे, लेकिन संविधान के साथ छेड़छाड़ या राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दाहाल ने विशेष रूप से कर्मचारी ट्रेड यूनियनों और छात्रों के अधिकारों पर उठ रहे सवालों पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित वर्गों को सतर्क रहने को कहा है। संविधान संशोधन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे संशोधन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह बदलाव महिलाओं और वंचित वर्गों को और अधिक अधिकार देने तथा संघीय ढांचे को मजबूत करने के लिए होना चाहिए। हालिया चुनाव परिणामों को उन्होंने 'असाधारण' बताया और कहा कि पार्टी इनकी गहन समीक्षा कर रही है।

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संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए प्रचंड ने घोषणा की कि पार्टी एकीकरण की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में स्थानीय स्तर तक पूरी कर ली जाएगी और छह महीने के भीतर महाधिवेशन संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि संसदीय राजनीति में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन संघीय लोकतांत्रिक गणतन्त्र की रक्षा करना सर्वोपरि है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आत्म-समीक्षा करते हुए जनता के बीच जाने और शांति प्रक्रिया की सहयात्री शक्तियों के साथ मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।