राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद मनीष झा ने जोर देकर कहा है कि जब तक निजी क्षेत्र की पूंजी और उद्यमशीलता को बढ़ावा नहीं दिया जाता, तब तक देश की अर्थव्यवस्था सशक्त नहीं हो सकती। काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान झा ने स्पष्ट किया कि सरकारी और विकासात्मक अर्थव्यवस्था केवल स्थिरता प्रदान करती है, जबकि वास्तविक आर्थिक 'ग्रोथ' केवल निजी क्षेत्र के माध्यम से ही संभव है।

झा ने वर्ष 2026 के वैश्विक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका और चीन जैसे देशों की आर्थिक शक्ति का मुख्य कारण वहां का विशाल निजी निवेश है। उनके अनुसार, नेपाल को भी अपनी विकास दर बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की क्षमता और संगठनात्मक कौशल पर भरोसा करना होगा।

इसी कार्यक्रम में सांसद और अर्थशास्त्री सुशांत वैदिक ने जानकारी दी कि नई सरकार की सौ-दिवसीय कार्ययोजना में उद्यमिता को प्रमुख स्थान दिया गया है। वैदिक के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के लघु उद्यमियों से लेकर नए स्टार्टअप्स तक, सभी आर्थिक परिवर्तन और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

सरकारी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वैदिक ने कहा कि अब व्यवसाय पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल बनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि किसी भी उद्यमी का सपना अब कागजी बाधाओं के कारण अधूरा नहीं रहेगा और सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अगले सप्ताह से ही दिखाई देने लगेंगे।