नेपाल के मधेश प्रदेश में भोटेकोशी बाढ़ में बेपता अपने रिश्तेदार की तलाश कर रहे राष्ट्रीय एकता दल के जिला सदस्य अवधेश मंडल की पुलिस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। प्राकृतिक आपदा के समय जनप्रतिनिधियों से मदद मांगने और असंतोष जताने पर नागरिक को गिरफ्तार किए जाने को लेकर पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है।
सांसद पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप
राष्ट्रीय एकता दल के मधेश प्रदेश सचिव दिलीप गुप्ता द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय एकता दल ने सांसद अंसारी पर विपक्षी दल के हिंदू कार्यकर्ता को गिरफ्तार करवाने का आरोप लगाया है। बारा जिले के परवानीपुर ग्रामीण नगरपालिका–1 निवासी मंडल ने अपने लापता साले की खोजबीन के लिए स्थानीय सांसद रहबर अंसारी से बार-बार गुहार लगाई थी। कोई सहायता न मिलने पर व्यथित होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
प्रधानमंत्री के निर्देशों के उल्लंघन का दावा
पार्टी ने कहा कि संकट की स्थिति में जवाबदेही मांगने वाले पीड़ित नागरिकों को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग करना निंदनीय है। यह कदम प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के उन स्पष्ट निर्देशों और नीतियों का सीधा उल्लंघन है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बाढ़ पीड़ितों द्वारा सरकार की आलोचना या असंतोष व्यक्त करने पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
तत्काल रिहाई और जांच की मांग
राष्ट्रीय एकता दल ने सरकार और प्रशासन से अवधेश मंडल को बिना शर्त सम्मानपूर्वक रिहा करने, भोटेकोशी बाढ़ में लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने और राहत वितरण को प्रभावी बनाने की मांग की है। इसके अलावा सत्ता के दुरुपयोग की जांच कर दोषी सांसद और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। दल ने चेतावनी दी है कि यदि मंडल को अविलंब रिहा नहीं किया गया तो व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
