राजविराज। पुलिस द्वारा अन्याय किए जाने का दावा करते हुए सप्तरी के राजविराज में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के एक कार्यकर्ता ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। बोदेबरसाइन नगरपालिका-8 निवासी दीपेश ठाकुर ने बुधवार से राजविराज स्थित गजेंद्र नारायण सिंह चौक पर अनशन शुरू किया है। ठाकुर मंगलवार को 5,000 की जमानत पर जिला प्रशासन कार्यालय सप्तरी से रिहा हुए थे।
ठाकुर ने पुलिस प्रशासन पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाते हुए घटना के संबंध में स्पष्ट जवाब और न्याय की मांग की है। उनके अनुसार, जब तक उनके तीन मुख्य प्रश्नों का आधिकारिक उत्तर नहीं मिल जाता, तब तक अनशन जारी रहेगा।
ठाकुर के अनुसार, 27 जुलाई की रात सप्तरी के खर्छुआ बाजार क्षेत्र में अपने दोस्त का इंतजार करते समय पुलिस के साथ कहासुनी हो गई थी। उसी दौरान घटना का वीडियो बनाने का प्रयास करने पर ड्यूटी पर तैनात एएसआई किशोर कुमार मंडल सहित पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल भी छीन लिया। इसके बाद अभद्र व्यवहार का मामला दर्ज कर आठ दिनों तक हिरासत में रखकर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। उन्होंने दावा किया कि वह हिरासत के दौरान भी अनशन पर ही थे।
ठाकुर ने कहा कि कानून के शासन में मामूली विवाद के आधार पर बल प्रयोग करना, हिरासत में दुर्व्यवहार करना और नागरिक के सम्मान को ठेस पहुंचाना एक गंभीर मामला है। उन्होंने संबंधित निकायों से घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।
उधर, जिला पुलिस कार्यालय सप्तरी के प्रमुख पुलिस अधीक्षक रूपक खड़का ने कहा कि जिला पुलिस कार्यालय ठाकुर के परिवार के सदस्यों के साथ समन्वय कर रहा है। अनशन पर बैठा युवक एक आईटी इंजीनियर भी है।