मध्य पूर्व में चल रहे भारी तनाव के बीच, थाईलैंड ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अपने तेल टैंकरों के लिए सफलतापूर्वक एक सुरक्षित रास्ता तय कर लिया है। क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ की गई इस कूटनीतिक जीत ने देश में ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की उन तमाम चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है जो पिछले कुछ समय से मंडरा रही थीं।
सुरक्षित समुद्री मार्ग की यह तत्काल आवश्यकता एक दुखद घटना के बाद उत्पन्न हुई थी। विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बीते 11 मार्च को इसी जलमार्ग से गुजर रहे एक थाई मालवाहक जहाज 'मयूरा नारी' को निशाना बनाया गया था। इस भयानक हमले के बाद से चालक दल के तीन सदस्य अभी भी लापता हैं।
इस अप्रत्याशित हमले के तुरंत बाद, थाई प्रशासन ने सीधे कूटनीतिक चैनलों का इस्तेमाल करते हुए यह स्पष्ट किया कि उनके देश के व्यापारिक जहाज इस क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं और पूरी तरह से तटस्थ हैं।
शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने जोर देकर कहा कि मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए उनकी सरकार राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक तेज कर रही है। आने वाले समय में भी देश को किसी भी अप्रत्याशित ऊर्जा संकट से बचाने के लिए यह सतर्कता जारी रहेगी।