ल्हासा से निर्वासन तक: नगारी रिनपोछे (१९४६–२०२६) का जीवन और विरासत
उत्तरी भारत के धर्मशाला स्थित कश्मीर कॉटेज में १७ फरवरी २०२६ को १६वें नगारी रिनपोछे तेंदज़िन छोएग्याल के निधन के बाद तिब्बती समुदाय गहरे शोक में है। १४वें दलाई लामा के सबसे छ...
एक महीने पहले
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