प्राकृतिक संसाधनों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अपनी गश्त और निगरानी तेज कर दी है। इसी कड़ी में नेपाल के दो अलग-अलग जिलों में बड़े पैमाने पर तस्करी की जा रही मूल्यवान लकड़ी को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है।
सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) ने एक समन्वित कार्रवाई के तहत झापा और सर्लाही जिलों से कुल 332 क्यूबिक फीट लकड़ी को अपने कब्जे में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस जब्त की गई वन संपदा की कुल अनुमानित कीमत 8,12,330 रुपये आंकी गई है।
सबसे बड़ी जब्ती झापा जिले में चैत्र 28 गते को हुई। मेचीनगर नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 में, बाहुनडांगी स्थित एपीएफ की सीमा चौकी के जवानों को लावारिस हालत में छोड़ी गई खैर की लकड़ी के लट्ठे मिले। इस 186 क्यूबिक फीट लकड़ी की कीमत अकेले 7,44,000 रुपये बताई गई है।
इससे ठीक एक दिन पहले, चैत्र 27 गते को सर्लाही जिले में भी इसी तरह की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। बिष्णु ग्राम पालिका-2 के नदियापकडी इलाके में, बलरा सीमा चौकी के सुरक्षाकर्मियों ने गोडैता से फुलपरासी की ओर जा रहे एक ट्रैक्टर (नंबर ज 1 त 2949) को रोका। तलाशी के दौरान उसमें 68,330 रुपये मूल्य की 136 क्यूबिक फीट सिमल और अन्य लकड़ियां लदी पाई गईं।
इन दोनों सफल ऑपरेशनों के बाद, पुलिस ने आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जब्त की गई सभी लकड़ियों और परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर को संबंधित वन अधिकारियों को सौंप दिया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि भविष्य में भी वन संपदा की रक्षा और तस्करों के खिलाफ ऐसा कड़ा रुख जारी रहेगा।