नेपाल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. डॉ. विजय प्रसाद मिश्र ने न्यायपालिका पर संभावित दबाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है, खासकर तब जब मजबूत बहुमत वाली सरकारें सत्ता में आती हैं।

भक्तपुर में आयोजित महिला कानून व्यवसायियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार देखा गया है कि दो तिहाई बहुमत वाली सरकारों के दौरान न्यायिक संस्थाओं पर प्रभाव डालने की कोशिशें हुई हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि न्यायाधीशों की नियुक्ति और पद से हटाने जैसे मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है।

मिश्र ने कहा कि बार नए सरकार को प्रारंभिक भरोसा देता है, लेकिन यदि संवैधानिक व्यवस्था और कानून के शासन को कमजोर करने की कोशिश होती है तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अतीत में बार को हमलों और क्षति का सामना करना पड़ा, फिर भी उसने न्यायपालिका की रक्षा में अपनी भूमिका निभाई।

उन्होंने वकीलों और न्यायाधीशों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थिति में न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।