चैत्र शुक्ल अष्टमी के अवसर पर मनाए जाने वाले चैते दशैं पर नेपाल भर के मंदिरों में भक्तों की बड़ी संख्या देखी गई। सुबह से ही काठमांडू घाटी के प्रमुख शक्तिपीठों में पूजा और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।

भद्रकाली, मैतीदेवी, नक्साल भगवती, शोभा भगवती और गुह्येश्वरी मंदिरों में विशेष चहलपहल देखी गई। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन देवी की पूजा करने से सुख, शांति और मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग मंदिरों की ओर आकर्षित हुए।

घाटी के बाहर गोरखा का मनकामना, पोखरा का विन्ध्यवासिनी, बागलुङ कालिका और ताप्लेजुंग का पाथीभरा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। वर्ष में दो बार मनाए जाने वाले दशैं में यह पर्व छोटे दशैं के रूप में जाना जाता है, फिर भी इसका धार्मिक महत्व बना हुआ है।

अगले दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर राम मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। देशभर में देखी गई सहभागिता धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा की निरंतरता को दर्शाती है।