नेपाल के हिमाली क्षेत्र में स्थित यालुंग री पर्वत पर आए भीषण हिमस्खलन के नौ महीने बाद पांच शव दिखाई दिए हैं। इस खोज से पिछले वर्ष से लापता अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल के भाग्य पर से पर्दा उठने की उम्मीद जगी है।
तिब्बत सीमा के पास स्थित गौरीशंकर क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, ये शव ५,६३० मीटर ऊंचे पर्वत शिखर के ठीक नीचे देखे गए हैं। गौरीशंकर स्थानीय निकाय के प्रमुख बिश्वास कार्की ने बताया कि ये शव उन्हीं लापता पर्वतारोहियों के होने की आशंका है जो पिछले साल नवंबर में लापता हो गए थे।
खराब मौसम से बचाव कार्य में रुकावट
शव देखे जाने के बावजूद, कठिन इलाके और खराब मौसम के कारण उन्हें अभी तक निकाला या पहचाना नहीं जा सका है। शुक्रवार को शवों को लाने भेजा गया एक हेलीकॉप्टर खराब दृश्यता के कारण वापस लौटने पर मजबूर हो गया। फिलहाल बचाव दल मौसम साफ होने का इंतजार कर रहा है।
यह हादसा पिछले साल नवंबर में हुआ था जब १५ पर्वतारोहियों का एक समूह यालुंग री की चढ़ाई के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। हादसे के तुरंत बाद आठ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दो नेपाली गाइडों के शव उसी समय बरामद कर लिए गए थे।
लापता पर्वतारोही और आगे की कार्रवाई
लापता पर्वतारोहियों में जर्मनी, इटली, फ्रांस और कनाडा के नागरिक शामिल थे। विशेषज्ञों का मानना है कि बर्फ पिघलने के कारण शव सतह पर दिखाई देने लगे हैं।
नेपाली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जैसे ही उड़ान की स्थिति में सुधार होगा, शवों को बरामद कर पहचान प्रक्रिया के लिए काठमांडू भेजा जाएगा।