मुंबई के पायधुनी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। सर जेजे अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला सामान्य फूड पॉइजनिंग से कहीं अधिक गंभीर है और इसमें किसी तीव्र जहरीले पदार्थ के शामिल होने का संदेह है।
मृतकों की पहचान 44 वर्षीय अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और उनकी दो बेटियों आयशा और ज़ैनब के रूप में हुई है। शनिवार की रात परिवार ने रिश्तेदारों के साथ बिरयानी खाई थी, जिसके बाद मेहमान चले गए। देर रात परिवार के इन चारों सदस्यों ने तरबूज खाया, जबकि मेहमानों ने इसे नहीं छुआ था। सुबह होते-होते चारों की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टी के साथ-साथ बेहोशी छाने लगी।
जेजे अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संजय सुरासे के अनुसार, पीड़ितों के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर बहुत तेजी से हमला हुआ। उन्होंने बताया कि जिस गति से उनकी हालत बिगड़ी, वह साधारण दूषित भोजन के लक्षणों से मेल नहीं खाती। यह किसी बाहरी शक्तिशाली रसायनिक एजेंट या कीटनाशक के सेवन का संकेत देता है।
इलाज के दौरान नसरीन और उनकी बेटियों की कुछ ही घंटों में मौत हो गई, जबकि अब्दुल्ला ने रविवार रात को दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेजे मार्ग पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की है। तरबूज और खाने के अन्य नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए कलिना लैब भेजा गया है। डॉक्टरों और पुलिस को अब विसरा और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार है ताकि मौतों के पीछे के असली कारण का खुलासा हो सके।