पड़ोसी भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामलों की पुष्टि के बाद नेपाल ने संभावित जोखिम को रोकने के लिए अपनी सीमा सुरक्षा और स्वास्थ्य सतर्कता को बढ़ा दिया है। सरकार का कहना है कि संक्रमण को देश में प्रवेश करने से पहले ही पहचानने और रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए गए हैं।
Ministry of Health and Population के प्रवक्ता डॉ. प्रकाश बुढाथोकी के अनुसार, त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ भारत से जुड़े सीमा नाकों पर आने वाले यात्रियों की जांच शुरू कर दी गई है। विशेष रूप से कोशी प्रदेश के सीमा बिंदुओं पर निगरानी को और मजबूत किया गया है, जहां आवाजाही अधिक रहती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अन्य सीमा मार्गों से प्रवेश करने वाले लोगों की भी स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य संभावित लक्षणों की समय रहते पहचान करना और किसी भी तरह के स्थानीय प्रसार को रोकना है।
डॉ. बुढाथोकी ने यह भी चेतावनी दी कि निपाह वायरस का संक्रमण यदि समय पर उपचार न मिले तो जानलेवा साबित हो सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संक्रमित व्यक्तियों में मृत्यु दर लगभग 30 से 33 प्रतिशत तक दर्ज की गई है, जो इसे एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनाती है।
निपाह वायरस के फैलाव का स्रोत आमतौर पर चमगादड़, सूअर और संक्रमित मनुष्य माने जाते हैं। नेपाल में फिलहाल कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन खुली सीमा और नियमित आवागमन को देखते हुए सरकार सतर्कता बनाए रखने पर जोर दे रही है।
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि देश के भीतर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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