नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने प्रधानमंत्री दैवीय आपदा राहत कोष में एक करोड़ रुपये से कम का दान देने वाले सहयोगियों के साथ फोटो खिंचवाने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय में राहत राशि का चेक सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों से उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल एक करोड़ रुपये से अधिक के योगदान पर ही आधिकारिक फोटो खिंचवाएंगे।
यह मामला तब सामने आया जब बिजकेयर नेपाल प्रा. लि. द्वारा संचालित आर्थिक डिजिटल प्लेटफॉर्म कॉरपोरेट नेपाल की टीम राहत राशि सौंपने वित्त मंत्रालय पहुंची। तिब्बत से आई बाढ़ के कारण रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में मची तबाही से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए संस्थान ने 1,11,111 रुपये की सहायता राशि प्रदान की थी।
चेक सौंपते समय मंत्री वाग्ले ने प्रतिनिधियों से पूछा कि क्या यह सहयोग राशि एक करोड़ रुपये से अधिक है। जब मीडिया संस्थान ने स्पष्ट किया कि उनके लिए इतनी बड़ी राशि देना संभव नहीं है, तो मंत्री ने कहा कि कम राशि पर फोटो खिंचवाने से चेक देने वालों की संख्या और भीड़ काफी बढ़ जाती है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर यह भी सामने आया है कि इससे पहले वित्त मंत्री ने विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों द्वारा 20 से 25 लाख रुपये के दिए गए सहयोग के दौरान तस्वीरें खिंचवाई थीं। इस मुलाकात के दौरान उनका पूरा सचिवालय भी वहां मौजूद था।
पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय कॉरपोरेट नेपाल हर साल संस्थागत सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत विभिन्न परोपकारी कार्यों में योगदान देता रहा है। राहत कोष में योगदान के दौरान हुई इस घटना ने सरकारी विभागों में दान और शिष्टाचार से जुड़ी बहस को जन्म दे दिया है।