हाल ही में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल ने पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए अगले 3 से 5 वर्षों में 4.7 से 5 अरब अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज का आकलन किया है। नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को नया रूप देने की घोषणा की।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ ने 1.8 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान और 900 मिलियन डॉलर का अन्य आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 8,000 से 10,000 लोगों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की गई है, जिससे देश का ऊर्जा ढांचा और सड़क नेटवर्क काफी हद तक प्रभावित हुआ है।

संकट की स्थिति में भारत ने नेपाल को 650 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति का आश्वासन देने के साथ ही एलपीजी, चीनी और तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी है। नेपाल सड़क और पुलों के निर्माण के लिए अनुदान और ऊर्जा ढांचे के लिए भारतीय रुपये में रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट प्राप्त करने की योजना बना रहा है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार भारत के साथ संबंधों में पुराने विवादों को पीछे छोड़कर आर्थिक एकीकरण पर बल दे रही है। इसमें पोखरा और भैरहवा हवाई अड्डों के लिए ओवरफ्लाइट अधिकार प्राप्त करना, द्विपक्षीय व्यापार संधि में संशोधन और सीमा पार कनेक्टिविटी में सुधार शामिल हैं।

दिल्ली यात्रा के बाद नेपाली प्रतिनिधिमंडल विश्व बैंक, आईएमएफ और एआईआईबी जैसी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के साथ पुनर्निर्माण सहायता प्राप्त करने के लिए वार्ता को आगे बढ़ाएगा।