वि.सं. 2082 साल फाल्गुन 19 गते पूर्णिमा के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण लग रहा है। नेपाली समयानुसार आज शाम 6:03 बजे से 7:02 बजे तक ग्रहण देखा जा सकेगा। यद्यपि ग्रहण का मोक्ष (समाप्ति) रात 2:38 बजे होगा, नेपाल से दिखाई देने वाली मुख्य अवधि 1 घंटा 5 मिनट रहेगी।
सूतक काल और धार्मिक मान्यता
परंपरा के अनुसार, चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले ही सूतक काल आरंभ हो जाता है। इस अवधि में कई श्रद्धालु शुभ कार्य नहीं करते और पूजा-पाठ तथा आध्यात्मिक चिंतन में समय बिताते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद दान–धर्म, भजन-कीर्तन और पवित्र नदी या स्थान पर स्नान करने की परंपरा भी प्रचलित है।
वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण
- विज्ञान:
खगोल विज्ञान के अनुसार जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण लगता है। यदि छाया चंद्रमा के केवल एक भाग को ढकती है तो उसे आंशिक ग्रहण कहा जाता है, और यदि पूरा चंद्रमा ढक जाए तो उसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है। - ज्योतिष:
इस बार ग्रहण सिंह राशि और पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय भगवान शिव की आराधना या मंत्र जप करना लाभकारी माना जाता है।
राशि अनुसार संभावित फल
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विभिन्न राशियों पर ग्रहण का प्रभाव इस प्रकार माना जाता है:
वृषभ: कष्ट
मिथुन: श्री प्राप्ति
कर्क: हानि
सिंह: आघात
कन्या: व्यय
तुला: लाभ
वृश्चिक: सुख
धनु: मान हानि
मकर: कष्ट
कुंभ: स्त्री पीड़ा
मीन: सौख्य (सुख)
वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक नियमित खगोलीय घटना है, फिर भी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से इसका विशेष महत्व है। कामना है कि यह चंद्र ग्रहण मेची से महाकाली तक और विदेश में रह रहे सभी नेपाली नागरिकों के लिए शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।