नेपाल के बहुचर्चित साहित्यकार एवं भाषाविद डा. राजेंद्र बिमल का 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके सबसे छोटे बेटे डा. विभाष लाभ के अनुसार, सोमवार रात लगभग 11.30 बजे बातचीत करते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तुरंत उपचार के लिए निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात 12.45 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
फिलहाल उनके पार्थिव शरीर को अंतिम श्रद्धांजलि के लिए जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका-10, देवीचोक स्थित उनके व्यक्तिगत निवास पर रखा गया है।
तीन भाषाओं में बहुमूल्य योगदान
डा. बिमल ने नेपाली, मैथिली और अंग्रेजी भाषा में साहित्य की विभिन्न विधाओं में महत्वपूर्ण रचनाएं लिखीं। भाषा विज्ञान में पीएचडी करने वाले डा. बिमल ने नेपाली, मैथिली और हिंदी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की थी। वह वर्ष 1972 (वि.सं. 2029) से त्रिभुवन विश्वविद्यालय में नेपाली विषय का अध्यापन कर रहे थे।
साहित्य और भाषा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें जगदंबा श्री पुरस्कार और मधुपर्क सम्मान सहित कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
आज दोपहर होगी अंतिम यात्रा
डा. विजय दत्त ने जानकारी दी कि डा. बिमल का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3.00 बजे जनकपुरधाम स्थित स्वर्गद्वारी में किया जाएगा। उनके निधन से नेपाल के शिक्षा, शोध और बहुभाषी साहित्य क्षेत्र को एक अपूरणीय क्षति पहुंची है।