नेपाल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले राष्ट्रपति कार्यालय में हुई एक ऐतिहासिक चोरी का पर्दाफाश करते हुए सुरक्षा बलों ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से न केवल वीआईपी भवन से लूटे गए दुर्लभ वन्यजीव अवशेष मिले हैं, बल्कि भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं भी बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने चोरी की गई सरकारी संपत्ति को आपस में बांटकर बेचने की योजना बनाई थी।

यह मामला पिछले साल सितंबर महीने का है जब राजधानी काठमांडू में हुए उग्र प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सैन्य सुरक्षा वाले शीतल निवास पर हमला कर दिया था। उस दौरान उपद्रवियों ने राष्ट्रपति की कुर्सी और तस्वीरों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही दीवार पर सजे दो कीमती हाथी दांत भी लूट लिए थे। सेना की चौबीस घंटे निगरानी के बावजूद हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

काठमांडू घाटी अपराध अनुसंधान कार्यालय को हाल ही में सूचना मिली थी कि कुछ लोग मनमैजु इलाके में दुर्लभ वन्यजीव अंगों की तस्करी करने की फिराक में हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए जब पुलिस ने एक संदिग्ध के ठिकाने पर छापा मारा, तो वहां जमीन के नीचे गाड़कर रखे गए हाथी दांत के टुकड़े बरामद हुए। इसी तलाशी के दौरान कमरे से १५० ट्रामाडोल नशीली गोलियां भी जब्त की गईं।

मुख्य आरोपी से मिली कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने शहर के अन्य हिस्सों में छापेमारी कर बाकी के तीन आरोपियों को भी दबोच लिया। इन लोगों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन बड़े हाथी दांतों को कई हिस्सों में काट दिया था और उन्हें बोरियों में भरकर खिड़कियों के पीछे छिपा रखा था। पकड़े गए सभी आरोपी २० से २७ वर्ष की आयु के हैं और देश के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों से आकर काठमांडू में रह रहे थे।

सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त रुख अपनाया जा रहा है। इन पर राष्ट्रीय निकुंज एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के साथ-साथ नारकोटिक्स कंट्रोल एक्ट के तहत दोहरे आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही और सजा निर्धारण के लिए आरोपियों को वन विभाग और जिला पुलिस परिसर की हिरासत में सौंप दिया गया है।