काठमांडू। सुनसरी के देवानगंज में हुई झड़प में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल 21 वर्षीय रविंद्र मेहता की काठमांडू स्थित त्रिवि शिक्षण अस्पताल (टीचिंग) में इलाज के दौरान मौत हो गई है।
देवानगंज गाउंपालिका-3 निवासी मेहता का मंगलवार को इलाज के दौरान निधन हुआ। गत सावन 10 गते दो समूहों के बीच हुए विवाद को नियंत्रित करने के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा चलाई गई गोली बाएं जांघ में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बिराटनगर में शुरुआती इलाज के बाद स्थिति गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए काठमांडू लाया गया था।
रविंद्र मेहता के निधन के साथ ही सुनसरी की देवानगंज घटना और उसके बाद के आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों की संख्या चार पहुंच गई है।
इससे पहले घटनास्थल पर ही देवानगंज-4 के 25 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता की मौत हुई थी, जबकि घायल देवानगंज-3 के 22 वर्षीय जयप्रकाश मेहता का इलाज के दौरान बिराटनगर में निधन हुआ था। घटना के विरोध में सिरहा में हुए प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से गणेश यादव की भी मौत हो गई थी।
अनशन स्थल पर बढ़ा आक्रोश
देवानगंज घटना में घायल एक और युवक की जान चले जाने के बाद काठमांडू के माइतीघर में आमरण अनशन पर बैठे राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव और अधिकारकर्मी और अधिक आक्रोशित हो गए हैं। दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए यादव पिछले कुछ दिनों से आमरण अनशन पर हैं।
इससे पहले मंगलवार को ही शीर्ष मधेशी नेताओं ने अनशन स्थल पहुंचकर अनशनरत यादव की जीवन रक्षा और बातचीत के माध्यम से समस्या का दीर्घकालिक समाधान खोजने की सरकार से पुरजोर मांग की है। घायलों की मौत का सिलसिला बढ़ते देख स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा निकायों ने संभावित तनाव को ध्यान में रखते हुए उच्च सतर्कता बरती है।