नेपाल के वित्त मंत्री और रास्वपा उपाध्यक्ष डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने सभामुख पद के लिए डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल के नाम का समर्थन किया है। संसद को संबोधित करते हुए डॉ. वाग्ले ने कहा कि अर्याल के अनुभव और विनम्र स्वभाव से सदन की मर्यादा को नई ऊंचाई मिलेगी। उन्होंने अर्याल को अपना एक 'सह-योद्धा' बताते हुए कहा कि उनके पास राजनीति और प्रबंधन का एक परिपक्व मेल है।

डॉ. वाग्ले के अनुसार, अर्याल एक मध्यमवर्गीय संघर्ष से निकलकर आए नेता हैं, जिसकी वजह से उनमें समाज और व्यवस्था के प्रति गहरी समझ है। उनके पास कार्यपालिका और विधायिका दोनों का अनुभव होना संसद के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। वाग्ले ने विशेष रूप से अर्याल की समन्वयकारी भूमिका और उत्कृष्ट प्रबंधन क्षमता की प्रशंसा की।

सभामुख के पद के लिए सबसे अनिवार्य गुण 'तटस्थता' को बताते हुए डॉ. वाग्ले ने भरोसा जताया कि अर्याल किसी भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने इतिहास के सफल सभामुख जैसे दमननाथ ढुंगाना और सुवास नेम्वाङ का उदाहरण देते हुए अर्याल को उनके पदचिह्नों पर चलने की सलाह दी।

डॉ. वाग्ले ने यह भी उल्लेख किया कि उनकी पार्टी 'जेन-जी' (नई पीढ़ी) के आंदोलन के मर्म को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्हें उम्मीद है कि अर्याल आधुनिक पीढ़ी की आकांक्षाओं को अपनी मौलिक शैली में ढालकर संसद को एक नया स्वरूप देंगे।

संसद के इस महत्वपूर्ण पद के लिए अर्याल का समर्थन यह दर्शाता है कि अब नेतृत्व में प्रबंधकीय क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि अर्याल सदन के भीतर किस प्रकार का संतुलन और निष्पक्षता स्थापित करते हैं।