नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शेखर कोइराला ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। शनिवार को काठमांडू में बीपी स्मृति सामुदायिक सहकारी अस्पताल की वार्षिक आम सभा में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी के किसी भी विशेष 'समूह' या 'धड़े' से ताल्लुक नहीं रखते। उनके इस बयान को उन मीडिया रिपोर्टों के कड़े जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिनमें उन्हें संस्थापन विरोधी गुट के नेता के तौर पर पेश किया जाता रहा है।

डॉ. कोइराला ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ हो रहे प्रचार और उन्हें किसी खास खेमे का हिस्सा बताए जाने पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य नेपाली कांग्रेस के भीतर के मतभेदों को मिटाकर उसे एक सूत्र में पिरोना है। कोइराला का मानना है कि जब तक पार्टी एकजुट नहीं होगी, तब तक आगामी चुनावों में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरना संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वे पार्टी एकता के लिए अपनी कोशिशें आखिरी दम तक जारी रखेंगे।

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अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विरोधियों पर भी निशाना साधा। कोइराला ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि सोशल मीडिया पर उन्हें कितनी आलोचना या गालियां झेलनी पड़ती हैं, क्योंकि उनका ध्यान अपने लक्ष्य से नहीं भटका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को मजबूत बनाना ही उनकी एकमात्र इच्छा है।

इसके अलावा, उन्होंने बीपी कोइराला के नाम पर चल रहे अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सेवानिवृत्त डॉक्टरों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. कोइराला का यह रुख आने वाले समय में नेपाली कांग्रेस की आंतरिक राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।