काठमांडू — राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के प्रतिनिधि सभा सदस्य और एक अन्य राजनीतिक दल की महिला प्रांतीय विधानसभा सदस्य के बीच हुई आपत्तिजनक बातचीत की खबर सार्वजनिक होने के बाद, उसकी आंच मीडिया तक पहुंच गई है। खबर में दोनों पात्रों का नाम और पहचान गुप्त रखकर नियमानुसार प्रसारण किए जाने के बावजूद ऑनलाइन न्यूज पोर्टल 'नेपाल आज' को ही धमकी मिली है।
फेसबुक मैसेज के जरिए धमकी और कार्यालय की लोकेशन की मांग
'नेपाल आज' के आधिकारिक फेसबुक पेज के मैसेज बॉक्स में 'Basan Ta' नामक प्रोफाइल से धमकी भरे संदेश भेजे गए हैं। उक्त संदेशों में कार्यालय की लोकेशन मांगते हुए “खोजकर न आना पड़े” की चेतावनी दी गई है। साथ ही, लीक हुए ऑडियो के 'एआई (AI) निर्मित' होने का दावा करते हुए वायरल होने और लाइक-व्यूज के लिए खबर डालने का आरोप लगाया गया है।

'पीड़ित महिला ने कितनी परेशानी झेली होगी?'
नाम और पहचान उजागर किए बिना निष्पक्ष रूप से समाचार प्रसारित करने पर भी जब मीडिया को ही इस तरह खुली धमकी मिल रही है, तो प्रत्यक्ष पीड़ित बनी उन महिला सांसद को किस हद तक मानसिक और सामाजिक धमकियों का सामना करना पड़ रहा होगा, यह गंभीर सवाल खड़ा हुआ है। 'चोर की दाढ़ी में तिनका' की तर्ज पर इस तरह धमकी आने से दोषी पक्ष की व्याकुलता उजागर हुई है।
पत्रकारिता में अस्वाभाविक और अमानवीय होड़
इस बीच, इस संवेदनशील घटना को लेकर पत्रकारिता क्षेत्र के भीतर भी अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार देखा गया है। घटना की गंभीरता और पीड़ित की संवेदनशीलता को अनदेखा करते हुए कुछ पत्रकारों द्वारा सीधे पीड़ित महिला से ही “ऑडियो की पात्र क्या आप ही हैं?” पूछकर खबर बनाने की अभद्र होड़ मचाए जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई है।
फर्जी अकाउंट से धमकी, पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी
धमकी देने वाला फेसबुक अकाउंट फर्जी (फेक) होने की आशंका जताई गई है। मीडिया को धमकाकर सच्चाई दबाने की कोशिश करने वाली ऐसी आपराधिक मंशा के खिलाफ 'नेपाल आज' ने कड़ा कदम उठाने की बात कही है। ऐसे साइबर अपराध और धमकी देने वाले व्यक्ति/समूह को कानून के दायरे में लाने के लिए जरूरत पड़ने पर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए खुद को पूरी तरह तैयार होने की बात 'नेपाल आज' ने स्पष्ट की है।