काठमांडू। सुनसरी जिले के देवानगंज गांउपालिका–3, कप्तानगंज में हुई हिंसक घटना के विरोध में राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन आज पांचवें दिन में प्रवेश कर गया है। काठमांडू के माइतीघर मंडला में जारी अनशन के प्रति विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक हस्तियों ने एकजुटता व्यक्त करते हुए सरकार से तुरंत संवाद और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय एकता दल के अनुसार सुनसरी घटना के बाद सरकार का बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद मांगों का प्रभावी समाधान न होने के कारण मजबूर होकर आमरण अनशन शुरू किया गया है। दल ने इससे पहले काठमांडू में विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। निर्धारित समय के भीतर कोई ठोस पहल न होने पर अध्यक्ष यादव ने आमरण अनशन शुरू किया था।
अनशन स्थल पर दल के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उपस्थिति लगातार बनी हुई है। प्रतिभागियों ने सुनसरी घटना में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, दोषियों पर निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने और सरकार द्वारा आंदोलनकारी पक्ष के साथ तुरंत वार्ता करने की मांग दोहराई है।
राष्ट्रीय एकता दल द्वारा सरकार के समक्ष रखी गई मांगों में मृतकों को शहीद घोषित करना, घायलों का पूर्ण इलाज, जिहादियों को फांसी देने का कानून, रोहिंग्या और बंगाली शरणार्थियों को तुरंत देश से बाहर निकालना, मुस्लिम आरक्षण की समाप्ति और मुस्लिम आयोग का विघटन शामिल हैं। दल इन मांगों को तुरंत पूरा करने का सरकार से आग्रह करता आ रहा है।
इस बीच, सुनसरी घटना के बाद सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों के साथ कुछ मुद्दों पर सहमति व्यक्त करते हुए मृतक को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने, राहत उपलब्ध कराने, घायलों का इलाज कराने और निष्पक्ष जांच करने की प्रतिबद्धता जताए जाने की बात सार्वजनिक हो चुकी है। लेकिन राष्ट्रीय एकता दल का दावा है कि सरकार द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं का पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हुआ है और आंदोलन की अन्य मांगों पर कोई औपचारिक पहल नहीं की गई है।
अनशन के पांचवें दिन तक पहुंचने पर अध्यक्ष विनय यादव की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की जाने लगी है। दल के नेताओं ने बताया कि नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और चेतावनी दी है कि यदि सरकार गंभीर नहीं हुई तो कोई अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को अनशनकारी पक्ष के साथ औपचारिक बातचीत शुरू कर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान खोजना चाहिए।
राष्ट्रीय एकता दल ने कहा है कि यदि सरकार मांगों पर अब भी चुप्पी साधे रहती है तो आंदोलन को देशव्यापी बनाया जाएगा। दल के अनुसार अगले चरण में विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन, धरना और अन्य दबावकारी कार्यक्रम सार्वजनिक किए जाएंगे। साथ ही, नागरिक समाज, धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों से भी न्याय और निष्पक्ष जांच के पक्ष में आवाज उठाने का आग्रह किया गया है।
यह खबर तैयार किए जाने तक आमरण अनशन पांचवें दिन भी माइतीघर मंडला में शांतिपूर्वक जारी है। आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों के बारे में राष्ट्रीय एकता दल जल्द ही निर्णय सार्वजनिक करने की बात कह रहा है, जबकि अनशन जारी रहने के विषय पर सरकार की ओर से कोई नया औपचारिक रुख सामने नहीं आया है।