मनोज से मोनिका तक: पहचान और अधिकार की एक लंबी लड़ाई
जब समाज किसी की पहचान को स्वीकार नहीं करता, तब संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं रहता — वह संस्थागत बन जाता है। नेपाल की मोनिका शाही की कहानी इसी टकराव की मिसाल है। जन्म के समय मनोज नाम द...
3 महीने पहले
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जीवनशैली