विश्वास: एक किसान के संघर्ष और अटूट भरोसे की कहानी
शैलेन्द्र भाटिया (भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी) राप्ती नदी का बालू भरा किनारा व उसका फैलाव सुदूर तक सूखे बादल के ढेर मालूम पड़ रहे थे। जेठ की दुपहरी थी, मरीचिकाये कदमताल के...
4 घंटे पहले
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साहित्य