लॉस एंजिल्स की फुटपाथों पर अब इंसानों से ज्यादा पहियों वाले रोबोट्स की चहल-पहल दिखने लगी है। खान-पान का सामान पहुंचाने वाले इन स्वायत्त रोबोट्स की बढ़ती तादाद ने स्थानीय निवासियों को असमंजस और गुस्से में डाल दिया है, क्योंकि ये मशीनें अब पैदल चलने वालों के रास्ते में बड़ी बाधा बन रही हैं।

इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी 'सर्व रोबोटिक्स' ने इस महीने शहर के 40 इलाकों में 500 नए रोबोट तैनात किए हैं, जबकि साल 2023 में इनकी मौजूदगी महज दो इलाकों तक सीमित थी। इसके साथ ही 'कोको रोबोटिक्स' के भी करीब 300 रोबोट शहर में सक्रिय हैं, जो अपने दायरे को और बढ़ाने की तैयारी में हैं। इस विस्तार ने पैदल चलने के लिहाज से पहले से ही चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले इस शहर में राहगीरों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

रोबोट्स की इस बढ़ती आबादी ने अमेरिकी शहरों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। लॉस एंजिल्स के पड़ोसी शहर ग्लेनडेल में इन रोबोट्स पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है, वहीं शिकागो ने भी इनके विस्तार को सीमित कर दिया है। फुटपाथों को जाम करने के अलावा, स्थानीय लोग इस बात से भी चिंतित हैं कि ये मशीनें मानव डिलीवरी ड्राइवरों के रोजगार को खत्म कर रही हैं।

सनसेट बुलेवार्ड के आस-पास स्थित रेस्टोरेंट और कैफे के कर्मचारियों ने इन रोबोट्स को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। दुकानदारों का कहना है कि ये मशीनें अक्सर उनके बाहर लगे टेबलों के बीच फंस जाती हैं और पैदल चलने वालों का रास्ता रोकती हैं। कुछ कर्मचारियों के अनुसार, ये रोबोट लोगों को टक्कर भी मार देते हैं, जिससे व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाले दिव्यांगों के लिए रास्ता पार करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

इस विरोध के बीच, इन रोबोट्स का एक डिजिटल और मासूम चेहरा भी लोगों को आकर्षित करता है। भारी बारिश के दौरान काम करने की कोशिश करते एक रोबोट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसके बाद लोगों ने इसके प्रति सहानुभूति जताई थी। जब ये रोबोट जेब्रा क्रॉसिंग पर फंस जाते हैं, तो वे अपनी स्क्रीन पर 'मेरे लिए बटन दबाएं' का संदेश दिखाकर राहगीरों से मदद मांगते हैं, जो लोगों को काफी लुभावना लगता है।

हालांकि, इन रोबोट्स का सड़कों पर उतरना हादसों से मुक्त नहीं रहा है। शिकागो में एक रोबोट द्वारा बस स्टॉप के शीशे को तोड़ने की घटना सामने आई थी, जबकि न्यू जर्सी में एक साइकल सवार को टक्कर मारकर भागने का प्रयास कर रहे रोबोट को चश्मदीदों ने रोका था। लॉस एंजिल्स में भी एक बिना ड्राइवर वाली वेमो कार और डिलीवरी रोबोट के बीच टक्कर दर्ज की जा चुकी है।

शहरी नियोजन के विशेषज्ञों का मानना है कि इन रोबोट्स को अनियंत्रित रूप से छोड़ने के बजाय शहरों को सख्त नियम बनाने चाहिए। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक 'रोबोटाबिलिटी स्कोर' (रोबोट अनुकूलता सूचकांक) तैयार किया है। इसके जरिए यह तय किया जा सकता है कि किसी इलाके का ढांचा और वहां की भीड़ इन मशीनों को संभालने के लायक है या नहीं।

मशीनों के इस बढ़ते दखल से परेशान कुछ स्थानीय युवाओं ने अब अपने स्तर पर इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। शहर के कुछ नागरिक फुटपाथों को खाली कराने के लिए बीच रास्ते में खड़े रोबोट्स को बंद कर देते हैं या उनके ऊपर बैठ जाते हैं, ताकि कंपनियों को यह संदेश दिया जा सके कि सार्वजनिक रास्ते इंसानों के लिए हैं, मशीनों के लिए नहीं।